Swaminarayan Temple Ayodhya: श्री स्वामीनारायण मंदिर में 111वां प्रतिष्ठा उत्सव, 111 किलो पुष्पों से हुआ भव्य पुष्पाभिषेक

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Swaminarayan Temple Ayodhya: 111वें पाटोत्सव पर स्वामीनारायण मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, 56 भोग और पुष्पाभिषेक बना आकर्षण

अयोध्या के स्वामीनारायण मंदिर में श्रद्धा का महापर्व, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ महाभिषेक

श्री राधाकृष्ण देव और श्री हरिकृष्ण महाराज का 111वां प्रतिष्ठा उत्सव भक्ति-भाव से संपन्न

अयोध्या। श्रीनर नारायण देव गद्दी, अहमदाबाद अंतर्गत श्री स्वामीनारायण मंदिर, अयोध्या में विराजमान श्री राधाकृष्ण देव एवं श्री हरिकृष्ण महाराज का 111वां प्रतिष्ठा उत्सव (पाटोत्सव) श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भगवान का पंचामृत, केसर युक्त जल, दूध, दही सहित वैदिक विधि-विधान से महाभिषेक किया गया तथा 111 किलो पुष्पों से भव्य पुष्पाभिषेक संपन्न हुआ।

मंदिर परिसर में आयोजित समारोह के दौरान भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का अन्नकूट भोग अर्पित किया गया। महाभिषेक के बाद भगवान का आकर्षक श्रृंगार कर भव्य आरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य यजमान अहमदाबाद निवासी श्रद्धालु सुरेंद्रभाई पटेल एवं उनका परिवार रहा, जिन्होंने पूरे आयोजन का दायित्व निभाया।

धर्मसभा के दौरान संतों और यजमान परिवार का सम्मान किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान के समक्ष विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि और मानवता के मंगल की कामना की।

मंदिर के महंत श्रीमंत श्री महंत एन.वी. स्वामी महाराज ने बताया कि भगवान स्वामीनारायण का प्राकट्य उत्तर प्रदेश के गोंडा जनपद स्थित छपैया धाम में हुआ था। उन्होंने कहा कि भगवान घनश्याम महाराज ने अपने बाल्यकाल का महत्वपूर्ण समय अयोध्या में व्यतीत किया, इसलिए अयोध्या का स्वामीनारायण परंपरा में विशेष धार्मिक महत्व है। उन्होंने कहा कि स्वामीनारायण संप्रदाय के सभी उत्सवों का उद्देश्य “सर्वजीव हितावह” है और भगवान की कृपा से देश-विदेश में ऐसे धार्मिक आयोजन निरंतर संपन्न हो रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्य यजमान सुरेंद्रभाई पटेल ने कहा, “हम अपने आप को धन्य मानते हैं कि हमें प्रभु श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या आने और श्री स्वामीनारायण मंदिर के इस भव्य आयोजन में गुरुजी के सानिध्य में सेवा एवं सहयोग करने का अवसर मिला। हमारा मन अत्यंत गद्गद है। हमारे साथ लगभग 20 सदस्य इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए हैं और हमारा पूरा परिवार इस आयोजन का हिस्सा बना है। हम इस पावन भूमि को बार-बार प्रणाम करते हैं और इसके लिए भगवान तथा गुरुजी का हृदय से धन्यवाद करते हैं।”

कार्यक्रम का समापन भगवान की भव्य आरती, अन्नकूट दर्शन एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

 


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